बुलन्द संदेश/लाएबा नूर
संभल जिले में कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुगम और निर्विघ्न बनाने के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा 130.33 किलोमीटर लंबे कांवड़ मार्गों का मरम्मतीकरण कर उन्हें पूरी तरह गड्ढामुक्त कर दिया गया है, जिससे शिवभक्तों को नंगे पैर चलने में किसी प्रकार की असुविधा न हो। वहीं विद्युत विभाग ने सुरक्षा के मद्देनजर 1,775 बिजली पोलों की रैपिंग, 233 ट्रांसफार्मरों की बैरिकेडिंग और 225 स्थानों पर ढीले तारों को कसने का कार्य किया है। इसके अलावा 443 जंपरों को टाइट किया गया तथा 37 झुके पोलों को सीधा किया गया है।
रात के समय आवागमन सुगम बनाने के लिए कांवड़ मार्गों, गंगा घाटों और शिविर स्थलों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की गई है।साफ-सफाई के लिए विशेष अभियान चलाकर मार्गों के किनारे झाड़ियां हटाई गई हैं और बड़े कूड़ेदान रखे गए हैं।गंगा के पांच प्रमुख घाटों—राजघाट, संकरा, साधुमणि, असदपुर और हरिबाबा बांध घाट—पर गहरे पानी में जाने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेत लगाए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने प्रमुख स्थानों पर 24x7 मेडिकल टीमें तैनात की हैं,जबकि 102 और 108 एंबुलेंस को अलर्ट मोड पर रखा गया है। प्रशासन पिछले पांच वर्षों के ‘जीरो ड्राउनिंग’ रिकॉर्ड को बनाए रखने के लिए सतर्क है।सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर विशेष निगरानी की जा रही है। एंट्री प्वाइंट से पातालेश्वर मंदिर तक के मार्ग को अति संवेदनशील घोषित किया गया है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए कंटीजेंसी प्लान तैयार किया गया है, जिसमें हॉटस्पॉट्स पर पीआरवी तैनाती और क्रेन व्यवस्था शामिल है।जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने बताया कि 12,456 सीसीटीवी कैमरों,इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर और 2017 पुलिसकर्मियों की मदद से पूरे मार्ग पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।प्रशासन का लक्ष्य है कि कांवड़ यात्रा पूरी तरह सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो।


