बुलन्द संदेश ब्यूरो
148 बैरियर, 157 नावें और 139 गोताखोर तैनात, 32 प्रमुख शिव मंदिरों में होगा जलाभिषेक
संवाददाता: जावेद अब्बासी
मेरठ। श्रावण मास की कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए मेरठ रेंज पुलिस ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था का व्यापक खाका तैयार कर लिया है। मेरठ, बुलंदशहर, बागपत और हापुड़ जनपदों में कुल 969 किलोमीटर लंबे 28 प्रमुख कांवड़ मार्गों पर पुलिस की विशेष निगरानी रहेगी। यात्रा के दौरान 32 प्रमुख शिव मंदिरों में जलाभिषेक और 12 श्रावण मेलों का आयोजन होगा।
डीआईजी मेरठ रेंज कलानिधि नैथानी ने बताया कि कांवड़ यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए पूरे रेंज में 148 बैरियर लगाए जाएंगे। वहीं गंगा घाटों, नदियों और नहरों पर किसी भी हादसे से निपटने के लिए 157 नावें और 139 प्रशिक्षित गोताखोर तैनात किए गए हैं। ब्रजघाट सहित सभी प्रमुख घाटों पर जल पुलिस, फ्लड कंपनी, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी मुस्तैद रहेंगी।
पुलिस ने घाटों और संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे, कंट्रोल रूम, वॉच टावर, पीए सिस्टम, खोया-पाया केंद्र, पार्किंग और पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की तैयारी पूरी कर ली है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए डबल बैरिकेडिंग भी कराई जा रही है।
रेंज में मेरठ के सात, बुलंदशहर के 10, बागपत के छह और हापुड़ के पांच प्रमुख कांवड़ मार्गों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। मेरठ में 13, बुलंदशहर में 10, बागपत में एक और हापुड़ में आठ प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालु जलाभिषेक करेंगे।
डीआईजी ने सभी जिलों के पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नावों में लाइफ जैकेट की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। घाटों के आसपास तैनात पुलिसकर्मियों को भी लाइफ जैकेट उपलब्ध कराई जाए। साथ ही मंदिर समितियों और मेला प्रबंधन के साथ समन्वय बनाकर सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जाए।
उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे प्रशासन द्वारा निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करें, गहरे पानी में जाने से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि या आपात स्थिति की सूचना तत्काल पुलिस या कंट्रोल रूम को दें, ताकि कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न हो सके।


