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उत्तर प्रदेश

कल्लू गढ़ी-कुशलिया जलमग्न, निकासी व्यवस्था ध्वस्त; सैकड़ों बीघा फसल बर्बाद होने की कगार पर

कल्लू गढ़ी-कुशलिया जलमग्न, निकासी व्यवस्था ध्वस्त; सैकड़ों बीघा फसल बर्बाद होने की कगार पर

बुलन्द संदेश /ब्यूरो

पूर्व प्रधान अब्दुल यासीन उर्फ सीनू प्रधान ने उठाई आवाज, डासना जाने वाले बड़े नाले की तत्काल सफाई कर जल निकासी शुरू कराने की मांग

गाजियाबाद लगातार हो रही बारिश ने कल्लू गढ़ी और कुशलिया क्षेत्र के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण सैकड़ों बीघा कृषि भूमि जलमग्न हो गई है। खेतों में कई-कई फीट तक पानी भर जाने से धान सहित अन्य मौसमी फसलें बर्बादी की कगार पर पहुंच गई हैं। किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आ रहा है, जबकि प्रशासनिक स्तर पर अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है।
ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र से डासना की ओर जाने वाला मुख्य बड़ा नाला लंबे समय से गाद और झाड़ियों से भरा हुआ है। नाले की सफाई न होने के कारण बारिश का पानी आगे नहीं बढ़ पा रहा है और खेतों में जमा होकर तालाब का रूप ले चुका है। जलभराव के चलते खेती का कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गया है तथा किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
किसानों का कहना है कि इस समस्या की जानकारी कई बार संबंधित विभागों और प्रशासन को दी जा चुकी है, लेकिन हर वर्ष की तरह इस बार भी समय रहते कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। नतीजा यह है कि बारिश होते ही पूरे क्षेत्र में जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाती है।
इस बीच पूर्व प्रधान एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य अब्दुल यासीन उर्फ सीनू प्रधान ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि डासना की ओर जाने वाले बड़े नाले की युद्धस्तर पर सफाई कराई जाए, ताकि पीछे जमा बारिश का पानी तेजी से निकल सके और किसानों की फसलों को और अधिक नुकसान से बचाया जा सके।
सीनू प्रधान ने कहा कि यदि समय रहते जल निकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल पंपिंग सेट लगाकर पानी की निकासी कराई जाए, बंद पड़े नालों की सफाई कराई जाए तथा भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए स्थायी जल निकासी योजना तैयार की जाय