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उत्तर प्रदेश

*कर्मयोग व्यक्ति को निष्ठावान बनाता है दिनेश कुमार*

*कर्मयोग व्यक्ति को निष्ठावान बनाता है दिनेश कुमार*

बुलंद संदेश ब्यूरो

*ध्यान के नियमित अभ्यास से मन हल्का एवं शांत होने लगता है-योग मर्मज्ञ देवेन्द्र हितकारी*

गाजियाबाद,(आशा चौधरी)

रविवार, 5 जुलाई 2026 को नवसृजन चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा हिंदी भवन,लोहिया नगर में ध्यान अनुभूति एवं कर्मयोग आध्यात्मिक संगोष्ठी ब्रह्ममुहूर्त ध्यान साधना के प्रणेता वंदनीय दिनेश कुमार के मार्गदर्शन में हर्षोल्लास से सम्पन्न हुई। दिनेश कुमार एवं नवसृजन चैरिटेबल ट्रस्ट के ट्रस्टीयों द्वारा दीप प्रज्वलित कर सत्र को प्रारंभ किया गया। ध्यान साधना के प्रणेता दिनेश कुमार ने सभी साधकों को नासाग्रभाग पर बाहर जाती सांसों पर ध्यान केंद्रित कराया साथ ही अनेकों बार ओ३म् का गुंजार कराया।सूर्य दर्शन भृकुटी मध्य ध्यान के अभ्यास में श्वांस अंदर जाकर आज्ञा चक्र, सुषुम्ना नाड़ी ओर प्राण को छूकर आ रही थी जिससे साधकों को शीतलता और आनंद की अनुभूति हुई।ध्यान योग के पश्चात दूसरे सत्र में कर्मयोग का परिचय देते हुए उन्होंने कहा कर्मयोग व्यक्ति को निष्ठावान बनाता है।महामानव बनने की प्रयोगशाला है कर्मयोग।उन्होंने बताया कि वह चार प्रभाव जो हमारे कर्मों को प्रतिपल प्रभावित करते हैं नैसर्गिक आचरण, स्वभाव,संस्कार और इंद्रियों का आचरण।चुनौतियों का सामना करने वालों के लिए है गीता इसलिए अपने भीतर की गुफा में झांकना है तो श्रीमद्भगवत गीता के 700 श्लोक जो पूरा का पूरा उपनिषद् है। मनुष्य की जीवन यात्रा में दिया जाने वाला प्रशिक्षण इसमें सरल कर दिया है। कर्मयोग सबसे व्यावहारिक है,इससे मोक्ष को प्राप्त किया जा सकता है,इसलिये इसको जीवन में अपनाओ।मनुष्य जन्म का जो चरमोत्कर्ष लक्ष्य है,उसे प्राप्त करो।

कुशल मंच संचालक योग मर्मज्ञ देवेन्द्र हितकारी ने कहा कि ध्यान के नियमित अभ्यास से मन हल्का एवं शांत होने लगता है,मन और चित्त की शुद्धि होती है तथा शरीर और मन से जुड़े अनेक विकारों से मुक्ति मिलने लगती है।इसके साथ ही आनंद एवं परिपूर्णता की अनुभूति प्राप्त होती है।

मुख्य संयोजक अनिल अग्रवाल सांवरिया ने धन्यवाद ज्ञापित किया और कहा कि ध्यान एवं कर्मयोग के माध्यम से मानसिक शांति,तनावमुक्त जीवन, निर्णय क्षमता में सुधार तथा कर्म में उत्कृष्टता की प्रेरणा प्रदान करना है।उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में ध्यान और आध्यात्मिक मूल्यों का महत्व निरंतर बढ़ रहा है,जो व्यक्ति को संतुलित, सकारात्मक एवं सार्थक जीवन जीने की दिशा प्रदान करते हैं।मुख्य रूप से सर्वश्री वी के अग्रवाल,डीके गोयल,भानु सिसोदिया,अजय गर्ग, दिनेश अग्रवाल,आशु बिंदल, योगेश गोयल, अभिषेक शर्मा,सुबोध गर्ग,अशोक शर्मा रामबेटी,श्रीमती वीना वोहरा,बीना पाठक, डॉ.विपिन अग्रवाल,सचिन अग्रवाल, आमोद गुप्ता,विजय गर्ग, गौरव बंसल, आर के गोयल,अमरीश त्यागी,दीपक खंडूरी,प्रदीप सिंघल,रामजी लाल रफूकर, नरेंद्र चौधरी,तरुण चिटकारा,सुमन भारती, प्रमिला चौधरी,अरविंद तिवारी,केके अरोड़ा,राकेश गुप्ता,एम सी गोड,डा प्रमोद सक्सेना,अनंत अग्रवाल, पुनीत शरद,नीरा अग्रवाल,मोहित अरोरा, पार्षद कुलदीप त्यागी, प्रदीप चौधरी, त्रिलोक शास्त्री, चौधरी मंगल सिंह,प्रवीण आर्य,सुभाष शर्मा एवं डा बी के शर्मा हनुमान आदि उपस्थित रहे।

शांति पाठ एवं योगिक आहार के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।