बुलन्द संदेश/मौहम्मद अब्बास
सम्भल। मुख्यमंत्री के सम्भल आगमन से पूर्व शनिवार को समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य फिरोज़ ख़ाँ को सम्भल पुलिस ने उनके आवास पर ही हाउस अरेस्ट कर दिया। हाउस अरेस्ट किए जाने के बाद उन्होंने अपनी विभिन्न जनहित संबंधी मांगों का 9 सूत्रीय ज्ञापन हयातनगर थाना प्रभारी (इंस्पेक्टर) को सौंपा।
ज्ञापन मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार एवं जिलाधिकारी सम्भल के नाम संबोधित था। इसमें प्रमुख मांगों में गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा देने, देश एवं प्रदेश से मीट के निर्यात पर रोक लगाने, उत्तर प्रदेश में मस्जिदों और मजारों पर बुलडोजर कार्रवाई को निष्पक्ष जांच के बाद ही किए जाने, सम्भल में कल्कि नगरी के लिए आए धन से मुस्लिम धरोहरों जैसे तोता-मैना की कब्र, चोरों का कुआँ और फिरोजपुर किले का सौंदर्यीकरण कराने की मांग शामिल रही।
इसके अलावा किसानों को पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने, बारिश से फसलों को हुए नुकसान का उचित मुआवजा देने, सम्भल-गजरौला रेलवे लाइन के विस्तारीकरण के लिए केंद्र सरकार से अनुरोध करने, जिले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रत्येक सप्ताह तीन दिन जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक के सम्भल में बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा जिले में एक राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना किए जाने की मांग भी उठाई गई।
इस दौरान रामरहिस यादव, जबर सिंह यादव, वसीम ख़ाँ, साद, अदील, सुहैल अली, जीशान ख़ाँ, शमशेर अली, पवन यादव, मोनिस, गुलाम मुस्तुफा, ज़ाहिद ख़ाँ, अज़मत, अमरपाल, गौरव सहित अन्य लोग मौजूद रहे।


