बुलंद संदेश ब्यूरो
बहजोई (संभल )
बहजोई में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सम्भल दौरे के दौरान कांग्रेस नेता एवं जिला कांग्रेस कमेटी विधि विभाग के अध्यक्ष अधिवक्ता आसिफ अल्वी को उनके आवास पर ही पुलिस द्वारा नजरबंद किये जाने का मामला चर्चा का विषय बन गया। कांग्रेस ने इस कार्रवाई पर कड़ा विरोध जताते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर अंकुश बताया। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि आसिफ अल्वी मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपकर प्रदेश में कानून व्यवस्था, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, पेपर लीक, खाद की उपलब्धता और आम जनता से जुड़े अन्य मुद्दों की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाहते थे। उनका आरोप है कि पुलिस ने उन्हें घर से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी।आसिफ अल्वी ने कहा कि प्रदेश की जनता कई गंभीर समस्याओं से जूझ रही है और सरकार को इनका समाधान प्राथमिकता के आधार पर करना चाहिए। उन्होंने जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि छात्रों और शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित रखना सरकार की जिम्मेदारी है

।उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जिलोंमेंअधिवक्ताओं के साथ हुई घटनाओं पर भी चिंता जताई और कहा कि एक अधिवक्ता तथा कांग्रेस के विधि विभाग के अध्यक्ष होने के नाते जनता और अधिवक्ताओं की आवाज़ सरकार तक पहुंचाना उनका कर्तव्य है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में कुछ लोगों के भीतर असुरक्षा की भावना बनी हुई है, जिस पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।उधर, कांग्रेस पदाधिकारियों ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात सरकार तक पहुंचाना प्रत्येक नागरिक और राजनीतिक दल का अधिकार है। उनका आरोप है कि मुख्यमंत्री से मिलने से पहले ही कांग्रेस नेता को रोकना लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है।हालांकि समाचार लिखे जाने तक पुलिस प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है!


