बुलन्द संदेश /ब्यूरो
श्रम विभाग, एएचटीयू और जनहित फाउंडेशन की संयुक्त कार्रवाई, कई प्रतिष्ठानों पर छापेमारी; बाल श्रम मिलने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
संवाददाता: जावेद अब्बासी
मेरठ। जिले में बाल श्रम के खिलाफ शुक्रवार को बड़ा अभियान चलाया गया। श्रम विभाग, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) और जनहित फाउंडेशन की संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न बाजारों और प्रतिष्ठानों पर छापेमारी कर बाल श्रम में लगे 11 बच्चों को मुक्त कराया।
अभियान के दौरान टीम ने कागजी बाजार, अनाज मंडी, कबाड़ी बाजार, दिल्ली रोड और ब्रह्मपुरी क्षेत्र के कई प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान विभिन्न दुकानों और प्रतिष्ठानों में काम कर रहे 11 नाबालिग बच्चों को सुरक्षित मुक्त कराकर उन्हें बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। अब उनके पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
टीम ने रामू स्वीट, भूरा बताशे वाले, खाचेदू मल, नेशनल इलेक्ट्रॉनिक वर्क्स, वेलकम मोटर्स, राजकुमार दीपक कुमार ड्राई फ्रूट्स, राधे एंटरप्राइजेज, जय महाकाल हार्डवेयर और पूजा ट्रेडर्स समेत कई प्रतिष्ठानों की जांच की।
श्रम विभाग के अधिकारियों ने कहा कि बाल श्रम कानूनन अपराध है और इसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि भविष्य में किसी प्रतिष्ठान पर नाबालिग बच्चे काम करते मिले तो संबंधित संचालक के खिलाफ बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जनहित फाउंडेशन ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि कहीं बाल श्रम होता दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल श्रम विभाग या संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि बच्चों को शिक्षा और सुरक्षित भविष्य उपलब्ध कराया जा सके।


