बुलन्द संदेश ब्यूरो
ग़ाज़ियाबाद(-आशा चौधरी) एनसीआर के थाना कविनगर क्षेत्र के शास्त्री नगर C ब्लॉक में जैन मंदिर पार्क के पास नगर निगम की घोर लापरवाही का एक और गंभीर उदाहरण सामने आया।एक बड़े पेड़ की मोटी शाखा बिजली की लाइन क़ो टच करती हुई साइड मे खड़ी कार पर गिर गई।इस हादसे में कार की छत, बोनट और साइड मिरर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।यह केवल संयोग था कि उस समय कोई राहगीर,बच्चा या दोपहिया वाहन चालक इसकी चपेट में नहीं आया,अन्यथा प्रशासन को एक बड़े जानलेवा हादसे का जवाब देना पड़ता।स्थानीय नागरिकों द्वारा क्षेत्र के पेड़ों की छंटाई के लिए नगर निगम और संबंधित विभागों को बार-बार लिखित शिकायतें दी गईं। जिस पेड़ की शाखा गिरी, उसके संबंध में भी पहले निगम मे शिकायत की जा चुकी थी।इसके बावजूद नगर निगम ने कोई कार्रवाई करना आवश्यक नहीं समझा।यह स्पष्ट करता है कि नागरिकों की शिकायतों को गंभीरता से लेने के बजाय उन्हें फाइलों में दबाकर छोड़ दिया जाता है। प्रश्न यह है कि क्या नगर निगम किसी नागरिक की जान जाने का इंतजार कर रहा है? क्या शिकायतों पर कार्रवाई केवल दुर्घटना होने के बाद ही होगी? यदि आज कार की जगह कोई व्यक्ति होता, तो इस दुर्घटना की जिम्मेदारी कौन लेता? बिजली की लाइनों से टकराते पेड़ केवल बिजली आपूर्ति बाधित नहीं करते, बल्कि हर दिन नागरिकों के जीवन पर खतरा बनकर खड़े हैं।बरसात और तेज हवा के मौसम में यह खतरा कई गुना बढ़ जाता है।इसके बावजूद नगर निगम और संबंधित विभागों की उदासीनता लगातार बनी हुई है। हम प्रशासन से तत्काल मांग करते हैं कि शास्त्री नगर सहित पूरे क्षेत्र के सभी खतरनाक पेड़ों का तत्काल संयुक्त सर्वे कराया जाए। - बिजली लाइनों से सटी शाखाओं की युद्धस्तर पर वैज्ञानिक छंटाई कराई जाए।- इस गंभीर लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए समयबद्ध कार्ययोजना सार्वजनिक की जाए।- क्षतिग्रस्त वाहन के मालिक को नियमानुसार उचित मुआवजा दिलाया जाए। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई और भविष्य में किसी नागरिक की जान-माल का नुकसान हुआ, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम और संबंधित विभागों की होगी।


