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उत्तर प्रदेश

नवजात की मौत के मामले में भाकियू किसान क्रांति का धरना दूसरे दिन भी जारी

नवजात की मौत के मामले में भाकियू किसान क्रांति का धरना दूसरे दिन भी जारी

सीएमओ को कल दोपहर 12 बजे तक का अल्टीमेटम, मांगें पूरी नहीं होने पर कार्यालय में तालाबंदी की चेतावनी

संवाददाता जावेद अब्बासी

मेरठ। कंकरखेड़ा स्थित अम्बर हॉस्पिटल और कैलाशी हॉस्पिटल से जुड़े नवजात शिशु की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर भारतीय किसान यूनियन (किसान क्रांति) का सीएमओ कार्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। संगठन पूर्व में हुई जांच से संतुष्ट नहीं है और मामले की दोबारा निष्पक्ष जांच कराने की मांग कर रहा है।

धरने के दूसरे दिन संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी विपिन मलिक धरनास्थल पर पहुंचे। इसके बाद सीएमओ कार्यालय के प्रतिनिधिमंडल और एसडीएम सदर ने उनसे वार्ता की। संगठन के अनुसार, वार्ता में कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। किसान यूनियन ने मामले की दोबारा जांच कराने, अस्पतालों के मेडिकल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल करने तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग उठाई।चौधरी विपिन मलिक ने कहा कि नवजात की मौत का मामला बेहद गंभीर और संवेदनशील है। निष्पक्ष जांच के लिए पीड़ित परिवार की शिकायतों, संबंधित अस्पतालों के चिकित्सीय अभिलेखों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच जरूरी है। उन्होंने मांग की कि पूर्व में हुई जांच की समीक्षा कर स्वतंत्र समिति से दोबारा जांच कराई जाए।

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सीएमओ कार्यालय को बुधवार दोपहर 12 बजे तक का समय देते हुए चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय तक मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन सीएमओ कार्यालय में तालाबंदी करेगा। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना और मामले में पारदर्शी जांच सुनिश्चित कराना है।संगठन ने डॉ. सुषमा, डॉ. अजय मलिक और डॉ. अमित जैन की भूमिका की भी तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर जांच कराने की मांग की है। यूनियन का कहना है कि जांच में किसी तरह की लापरवाही या अनियमितता सामने आने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।भारतीय किसान यूनियन (किसान क्रांति) ने स्पष्ट किया कि जब तक मामले में निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक सीएमओ कार्यालय, मेरठ पर अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।

12 अक्टूबर से चल रहा धरना

संगठन के अनुसार, धरना 12 अक्टूबर 2026 से शुरू हुआ है। दूसरे दिन भी कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर धरनास्थल पर डटे रहे। संगठन ने दोहराया कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने के लिए आंदोलन जारी रहेगा।