डीपीआरो की कुर्सी पर बैठ कर, ऑनलाइन मीटिंग लेते एडीपीआरओ।
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बुलन्द संदेश ब्यूरो
बहजोई/कुर्सी का मोह इतना बढ़ जाता है कि अधिकारी पद से हटाने के बाद भी कुर्सी छोड़ने को तैयार नहीं होते, कुछ दिन पहले एडीपीआरओ से बने डीपीआरओ पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे और पैसे की लेनदेन का कुछ वीडियो वायरल भी हुआ था जिस पर जांच चल रही है परंतु इसी बीच एडीपीआरओ से बने डीपी आरो को डी पीआर ओ पद से हटा दिया गया था, वह अपने मूल तैनाती पर ही कायम है परंतु कुर्सी का मोह नहीं छोड़ा और डीपीआरओ कार्यालय में डी पीआरओ की कुर्सी पर बैठ कर ही मीटिंग आदि करते हैं।
*किस के पास है डीपीआरओ का चार्ज*
इस समय डीपीआरओ का चार्ज जिला विकास अधिकारी के पास है राम आशीष के पास है ,जब इस संबंध में उनसे बात की तब उन्होंने बताया की डीपीआरओ कार्यालय अव मेरे कार्यालय में है में दो कार्यालय में नहीं बैठ सकता।
जब उनसे पूछा गया की कार्यालय पर आज भी डीपीआरओ कार्यालय लिखा है।
*क्या बोले जिला विकास अधिकारी*
उनका कहना है यह जो डीपीआरओ की नेमप्लेट लगी हुई इसको में हटवाने के लिए कहुंगा और वहां पर एडीपीआरओ की नेम प्लेट लगवाई जाएगी।


