बुलन्द संदेश ब्यूरो
कांठ (सुदेश बिश्नोई)lयोगी सरकार विद्यालयों में पढ़ाई में पिछड़ रहे बच्चों को मुख्यधारा में लाने के लिए कैच-अप शिक्षण अभियान को और प्रभावी बनाने का निर्णय लिया है। इसके तहत 31 जुलाई तक सभी परिषदीय विद्यालयों, बीआरसी, बीएसए कार्यालयों और डायट में कैच-अप शिक्षण, निपुण लक्ष्य, प्रभावी कक्षा शिक्षण और रीडिंग कैंपेन से संबंधित आईईसी सामग्री प्रदर्शित की जाएगी।महानिदेशक स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने सभी जिलों के अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।विद्यालयों में रीडिंग कॉर्नर, कहानी वाचन, पुस्तक चर्चा और नियमित पठन गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही शिक्षकों को गतिविधि आधारित शिक्षण, सहयोगात्मक अधिगम और प्रभावी कक्षा शिक्षण पद्धतियां अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।सरकार का उद्देश्य निपुण भारत मिशन के तहत दक्षता आधारित शिक्षण को बढ़ावा देना और बच्चों के लर्निंग गैप को कम करना हैl
विद्यालयों में लगाए जाने वाले निपुण लक्ष्य पोस्टरों में बालवाटिका से कक्षा पांच तक भाषा, गणित, पर्यावरण अध्ययन और अंग्रेजी के अधिगम मानक शामिल होंगे। इससे शिक्षकों को कक्षा-वार शिक्षण की स्पष्ट रूपरेखा मिलेगी, जबकि विद्यार्थियों और अभिभावकों को भी अपेक्षित दक्षताओं की जानकारी मिल सकेगी।
गतिविधि आधारित शिक्षण, सतत मूल्यांकन और नियमित निगरानी के माध्यम से अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग दिया जाएगा।


