बुलन्द संदेश /ब्यूरो
गढ़मुक्तेश्वर (गुफरान अली)।
बरसात के मौसम में सर्पदंश की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।सिंभावली थाना क्षेत्र के गांव रझैड़ा निवासी आशीष (18 वर्ष), पुत्र नरेंद्र सुबह पशुओं के लिए खेत पर चारा लेने गया था। इसी दौरान घास में छिपे एक जहरीले सांप ने उसे डस लिया। घटना के बाद युवक की तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सिखेड़ा लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसकी स्थिति को देखते हुए बेहतर उपचार के लिए लाला लाजपत राय स्मारक (एलएलआरएम) मेडिकल कॉलेज, मेरठ रेफर कर दिया।
इसी दिन सिंभावली थाना क्षेत्र के गांव हिम्मतपुर निवासी सुदेश (55 वर्ष), पत्नी आदेश भी पशुओं के लिए खेत पर चारा लेने गई थीं। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे सांप ने उनके हाथ में दो स्थानों पर काट लिया। परिजन उन्हें भी सीएचसी सिखेड़ा लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें भी मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
सीएचसी प्रभारी डॉ. अमित बैसला ने बताया कि गर्मी और बरसात के मौसम में सांप अपने बिलों से निकलकर खेतों, झाड़ियों और रिहायशी क्षेत्रों में पहुंच जाते हैं। ऐसे में खेतों में जाते समय टॉर्च या अन्य रोशनी की व्यवस्था रखें तथा झाड़ियों में बिना सावधानी हाथ न डालें। उन्होंने बताया कि पिछले 11 दिनों में सीएचसी सिखेड़ा में सर्पदंश के सात मरीज उपचार के लिए पहुंच चुके हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि सांप के काटने पर झाड़-फूंक या अंधविश्वास के चक्कर में समय बर्बाद न करें, बल्कि पीड़ित को तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचाएं।


