गार्ड ऑफ ऑनर से हुआ समारोह का शुभारंभ, छात्र-शिक्षकों को किया गया सम्मानित
बुलन्द संदेश ब्यूरो: जावेद अब्बासी
मेरठ। स्वामी विवेकानंद सुभारती विश्वविद्यालय का 18वां स्थापना दिवस शनिवार को मांगल्य प्रेक्षागृह में उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत एनसीसी कैडेट्स के गार्ड ऑफ ऑनर से हुई। इसके बाद भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर प्रार्थना की गई। समारोह में विश्वविद्यालय की उपलब्धियों और 18 साल की यात्रा को याद किया गया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करने वाले विद्यार्थियों और शिक्षकों को सम्मानित किया गया। शिक्षकों को बेहतर कार्य, नियमित उपस्थिति, शैक्षणिक उत्कृष्टता, सामाजिक सेवा और अन्य क्षेत्रों में योगदान के लिए अलग-अलग श्रेणियों में पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र दिए गए। सुभारती डेंटल कॉलेज के ओरल एवं मैक्सीलोफेशियल सर्जरी विभाग के एडजंक्ट प्रोफेसर लेफ्टिनेंट कर्नल डॉ. एनके साहू को उत्कृष्ट सेवा सम्मान दिया गया।
संघर्षों से खड़ा हुआ सुभारती समूह : डॉ. अतुल कृष्ण
सुभारती समूह के संस्थापक डॉ. अतुल कृष्ण ने विश्वविद्यालय की स्थापना से जुड़ी पुरानी यादें साझा कीं। उन्होंने सह-संस्थापक स्मृतिशेष संघ माता डॉ. मुक्ति भटनागर को याद करते हुए कहा कि उनके सहयोग और हौसले से सुभारती मेडिकल कॉलेज और बाद में विश्वविद्यालय की स्थापना का रास्ता आसान हुआ।
उन्होंने विद्यार्थियों से मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति लगातार प्रयास करने की अपील की। डॉ. अतुल कृष्ण ने कहा कि शिक्षा का मतलब केवल डिग्री हासिल करना नहीं है। शिक्षा में संस्कार, सेवा, संवेदना और देश के प्रति जिम्मेदारी भी होनी चाहिए।
स्थापना दिवस भविष्य की दिशा तय करने का अवसर : डॉ. स्तुति
विश्वविद्यालय की कुलाधिपति डॉ. स्तुति नारायण कक्कड़ ने कहा कि स्थापना दिवस केवल पुरानी उपलब्धियों को याद करने का दिन नहीं है, बल्कि भविष्य की योजनाओं और नई दिशा तय करने का भी अवसर है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षा के साथ विद्यार्थियों में संस्कार, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने पर जोर देता है।
उन्होंने विद्यार्थियों और शिक्षकों से बदलते समय की चुनौतियों को अवसर में बदलने और ज्ञान, अनुशासन व नवाचार के साथ देश और समाज के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।
प्रथम कुलपति को किया सम्मानित
समारोह के मुख्य अतिथि और सुभारती विश्वविद्यालय के प्रथम कुलपति प्रो. (डॉ.) वीपी सहाय को अंगवस्त्र और प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया। उन्होंने विश्वविद्यालय की स्थापना के समय की यादें साझा कीं। उन्होंने डॉ. अतुल कृष्ण के संघर्ष और दृढ़ संकल्प की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं को उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) बीके मित्तल ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि शिक्षा व्यक्ति के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों की पढ़ाई के साथ उनके सर्वांगीण विकास पर भी ध्यान दे रहा है।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां
स्थापना दिवस समारोह में ललित कला संकाय के विद्यार्थियों ने भारतीय कला, संस्कृति और परंपरा पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। कार्यक्रम में देशभक्ति का रंग भी देखने को मिला। आईएनए गीत की प्रस्तुति के साथ समारोह का समापन हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य समन्वयक प्रो. (डॉ.) निखिल श्रीवास्तव और को-ऑर्डिनेटर प्रो. (डॉ.) मनोज कपिल रहे। संचालन डॉ. सीमा शर्मा और डॉ. अभिनव शर्मा ने किया। धन्यवाद ज्ञापन प्रति-कुलपति प्रो. (डॉ.) मुनिश सी. रेड्डी ने किया।
समारोह में सम-कुलाधिपति मेजर जनरल (डॉ.) जीके थपलियाल, मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. (डॉ.) शल्या राज, कार्यकारी अधिकारी डॉ. कृष्णामूर्ति, कुलसचिव ग्रुप कैप्टन एम. याकूब सहित विश्वविद्यालय के अधिकारी, शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।


