बुलन्द संदेश /ब्यूरो
गाजियाबाद (आशा चौधरी) इंदिरापुरम पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन शॉपिंग के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं। आरोपियों के कब्जे से 10 मोबाइल फोन और 20,010 रुपये नकद बरामद किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, उत्तर प्रदेश पुलिस के साइबर अपराध नियंत्रण अभियान के तहत साइबर पोर्टल से मिली सूचना के आधार पर इंदिरापुरम के शक्ति खंड क्षेत्र स्थित एक मकान में छापेमारी की गई। जांच के दौरान वहां संचालित फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश हुआ, जहां से आरोपी फ्लिपकार्ट के ग्राहकों का डाटा हासिल कर उन्हें फोन करते थे। वे ग्राहकों से कहते थे कि उनका ऑनलाइन भुगतान पूरा नहीं हुआ है और दोबारा भुगतान कराने के बहाने बैंकिंग जानकारी लेकर साइबर ठगी को अंजाम देते थे।पूछताछ में सामने आया कि गिरोह ने उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, गुजरात और तेलंगाना सहित कई राज्यों के लोगों को अपना शिकार बनाया। कुछ मामलों में पार्सल डिलीवरी, तो कुछ में ऑनलाइन विज्ञापन और शॉपिंग के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी की गई। अब तक की जांच में करीब ढाई लाख रुपये की साइबर ठगी का खुलासा हुआ है, जबकि पुलिस को आशंका है कि गिरोह ने इससे कहीं अधिक लोगों को निशाना बनाया है।गिरफ्तार आरोपियों में राजू कुमार, आदित्य उर्फ प्रकाश यादव, विराट चौधरी, आशीष, पंकज शर्मा और खुशी शामिल हैं। वहीं काजल और गिरोह का सरगना सिद्धार्थ अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है।पुलिस का कहना है कि बरामद मोबाइल फोन और उनके आईएमईआई नंबरों की जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में विभिन्न राज्यों से साइबर फ्रॉड की कई ऑनलाइन शिकायतें इन मोबाइल नंबरों से जुड़ी मिली हैं। पुलिस पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है और संभावना है कि जांच में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं। इंदिरापुरम पुलिस की इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन शॉपिंग या बैंकिंग से जुड़े किसी भी कॉल पर बिना सत्यापन के ओटीपी, बैंक विवरण या दोबारा भुगतान जैसी जानकारी साझा न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस से शिकायत करें।


