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उत्तर प्रदेश

शिकारपुर की प्रसिद्ध इमारत बाराखंबा,जो आज भी अपने आप में एक अजूबा है, आज भी अचंभा है बारह खंभा रोमांच और आकषर्ण का केंद्र बारह खंभा

शिकारपुर की प्रसिद्ध इमारत बाराखंबा,जो आज भी अपने आप में एक अजूबा है, आज भी अचंभा है बारह खंभा रोमांच और आकषर्ण का केंद्र बारह खंभा

 

 

इसकी सबसे खास बात यह है कि यह जमीन से करीब 3 फुट की ऊंचाई पर बनी है। इतना ही नहीं इसके निर्माण में चूना अथवा किसी अन्य प्रकार के लेप का इस्तेमाल नहीं कियाहै बल्कि शिलाओ को खंभों एवं चबूतरेका रूप दिया गया है।

 

 

बुलन्द संदेश ब्यूरो

 

 

शिकारपुर बुलंदशहर बदायूं मार्ग पर बसा शिकारपुर प्राचीन यादों को गर्भ में समाए हुए हैं। जूतियां के लिए मशहूर इस नगर में 12 खंबा आज भी कौतूहल का विषय बना हुआ है। कहा जाता है कि इसका निर्माण जिन्नात ने कराया था। पिछली कई सदियों से शिकारपुर किसान और रोमांच का केंद्र बना बाराखंबा इमारत आज भी यहां आने वाले पर्यटकों के लिए जिज्ञासा का केंद्र बना हुआ है। इमारत को लेकर लोगों के तमाम तर्क हैं लेकिन यहां के लोग इस अचंभित कर देने वाले इमारत को कस्बा की मुख्य पहचान बन चुके हैं। पिछले काफी समय से लोग इस इमारत को मुख्य पर्यटन स्थलों में घोषित कर विकास कराने की मांग भी कर रहे हैं। शिकारपुर के उत्तरी छोर पर लाल पत्थर से बनी यह इमारत एक रहस्य है। इसे किसने बनवाया? इस सवाल पर इतिहासकार आज तक मौन है। इमारत में 16 खंबे हैं लेकिन बोले 12 ही जाते हैं। माना जाता है कि यह इमारत 400 साल से अधिक पुरानी है। इसकी सबसे खास बात यह है कि यह जमीन से करीब 3 फुट की ऊंचाई पर बनी हैं। इतना ही नहीं इसके निर्माण में चुना अथवा किसी अन्य प्रकार के लेप का इस्तेमाल नहीं किया गया है बल्कि शिलाओको खंभों एवं चबूतरे का रूप दिया गया है। आंधी तूफान और जलजलोको सहते हुए बाराखंबा सदियों से सही सलामत है। कई बार छत का निर्माण कराने का प्रयास भी किया गया लेकिन जब तक पूरी नहीं हो पाई ।यह भी किसी ताज्जुब सेकम नहीं कि यहां पर आने वाले पर्यटक पहली नजर में इमारत के खंभों को सही गिनती नहीं कर पाते हैं।

प्रदेश के पुरातत्व विभाग में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार शिकारपुर कस्बा सात सदी पहले बसाया गया था। तब इसे शिकारगाह के नाम से जाना जाता था। यहां सब के राजा महाराजा और नवाब शिकार खेलने के लिए आया करते थे।

कहानी और किंवदंतियों मैं इमारत

बाराखंबा के बारे में कई किवदंतिया भी प्रचलित है। कुछ कहते हैं कि इसे जिन्नातों ने बनवाया था तो कुछ लोग इसके निर्माण में पश्चात प्रेतात्मा अथवा भूतों का हाथ बताते हैं। स्थानीय लोगों में इमारत के निर्माण को लेकर तमाम किवदंती और कहानियां हैं। स्थानीय लोग मानते हैं कि इमारत का निर्माण एक ही रात में अदृश्य शक्तियों द्वारा किया गया था लेकिन सुबह हो जने के कारण निर्माण कार्य अधूरा ही रह गया। स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले काफी समय से बाराखंबा इमारत को पर्यटन स्थल घोषित कराने की मांग सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से की जाती रही है। उधर हर वर्ष रहस्य माई इमारत को देखने वालों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। ऐसे में स्थानीय लोगों की मांग है कि सरकार जल्द से जल्द इस इमारत को पर्यटन स्थल घोषित कर इसका विकास कराएं।