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उत्तर प्रदेश

शिक्षक दिवस पर 39 शिक्षकों का सम्मान, बोले डॉ. सोमेंद्र तोमर- शिक्षक ही गढ़ते हैं देश का भविष्य

शिक्षक दिवस पर 39 शिक्षकों का सम्मान, बोले डॉ. सोमेंद्र तोमर- शिक्षक ही गढ़ते हैं देश का भविष्य

चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में हुआ समारोह, मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का देखा गया सजीव प्रसारण

बुलन्द संदेश ब्यूरो: जावेद अब्बासी 

मेरठ। शिक्षक दिवस के अवसर पर शनिवार को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के नेताजी सुभाष चंद्र बोस सभागार में जनपद स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उत्कृष्ट शिक्षण कार्य के लिए मेरठ के 39 शिक्षकों को प्रमाण पत्र, अंगवस्त्र और पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्य मंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर ने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान देने तक सीमित नहीं हैं। वे बच्चों में संस्कार, संस्कृति और राष्ट्रभाव विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक का व्यक्तित्व विद्यार्थियों के जीवन पर गहरा प्रभाव डालता है।

डॉ. सोमेंद्र तोमर ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। शिक्षक शिक्षा के साथ संस्कार और संस्कृति की पाठशाला भी चला रहे हैं।महापौर हरिकांत अहलूवालिया ने शिक्षकों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज ने कहा कि शिक्षक देश के भविष्य निर्माता हैं। उनके द्वारा विद्यार्थियों को दिए गए संस्कार जीवनभर उनके साथ रहते हैं।कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर हुई। जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने अतिथियों का अंगवस्त्र, पौधा और पुस्तक भेंट कर स्वागत किया।

समारोह में गोरखपुर में आयोजित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम का सजीव प्रसारण भी दिखाया गया। इस कार्यक्रम में प्रदेश के सभी 75 जिलों से चयनित शिक्षकों को राज्य शिक्षक पुरस्कार प्रदान किया गया।

इसके बाद मेरठ के 39 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। सम्मानित शिक्षकों में सचिन कुमार, सुरेखा सहाय, पुष्पा यादव, प्रेमचंद, यदुवीर सिंह, मोहनदत्त शर्मा, ममता गर्ग, मीनाक्षी, दीपमाला और स्वाति शर्मा सहित अन्य शिक्षक शामिल रहे।इस अवसर पर सीडीओ नूपुर गोयल, बीएसए आशा चौधरी सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन एसआरजी नीलम पंकज ने किया।