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उत्तर प्रदेश

*शिकायत के कारण बदले की भावना से रोकी गयी वेतनवृद्धि, अपर निदेशक (पैंशन)सेवानिवृत्त सरकारी पेंशन,

*शिकायत के कारण बदले की भावना से रोकी गयी वेतनवृद्धि, अपर निदेशक (पैंशन)सेवानिवृत्त सरकारी पेंशन,

*शिकायत के कारण बदले की भावना से रोकी गयी वेतनवृद्धि, अपर निदेशक (पैंशन)सेवानिवृत्त सरकारी पेंशन,

 

बुलंद संदेश ब्यूरो 

 

गाज़ियाबाद (आशा चौधरी ) बताते चलें एक तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देश के हर नागरिकों को परेशानी ना हो ये कोशिस करते है वही सरकारी कर्मचारी सुधारने का नाम नहीं ले रहे पूरा मामला बताते चले सेवानिवृत्त सरकारी पेंशन,में एक आपत्तिजनक मामला सामने आया है जो की बुजुर्ग 80 वर्ष आयु होने पर काफ़ी बीमार है 3 महीने में पेंशन निर्धारित ऑटोमेटिक अपडेट हो जानी चाहिए थी लेकिन अभी तक कोई अपडेट नहीं है ना ही उन्हें पेंशन आ रही है सुनने में आ रहा है कि बदले की भावना को लेकर शिकायतकर्ता ने एक शिकायत दर्ज कराई थी जिसके कारण अभी तक पेंशन रोकी गई है पत्रांक-19/GPA/26-27
02 जुलाई, 2026
80 वर्षीय बीमार पैंशनर की अतिरिक्त पैंशन स्वीकृति फाइल पर 3 माह से कुंडली मारे बैठा है, कोषागार लिपिक राजकमल, शासन की जीरो टोलरेन्स उल्लघन का है अदभुत मामला, राशिकरण की अधिक धनराशि की कटौती की वापसी के निरन्तर प्रयासों एवं शिकायत के कारण बदले की भावना से रोकी गयी वेतनवृद्धि, अपर निदेशक (पैंशन), मेरठ मंडल को भेजे शिकायती पत्र में पैंशनर्स एसोसियेशन ने की लिपिक के निलम्बन एवं व्याज सहित भुगतान की मांग यूँ तो शासकीय कार्यालयों में कार्य की लेट लतीफी तथा फाइलों को दवाये जाने के अनेको मामले आपने सुने होगे, किन्तु कोषागार के बाबू राजकमल का ताजी बेखौफ अंदाज जीरो टोलरेन्स के उल्लघन की अलग ही कहानी वंया करता है। एसोसियेशन के महासचिव रामप्रकाश सारस्वत के अनुसार यह सब घटित हो रहा है, गम्भीर बीमारी प्रोस्टेट से ग्रसित तथा घर पर उपचाराधीन पैंशनर वेदप्रकाश गोयल के साथ। पैंशन विभाग के अपर निदेशक, मेरठ मंडल मेरठ को प्रेषित शिकायती पत्र (प्रति संलग्न) में विस्तार से उल्लेख किया है के अनुसार वेदप्रकाश गोयल को 80 वर्षीय विशेष वृद्धि माह अप्रैल 2026 में देय थी तथा नियमानुसार पोर्टल अपडेशन के आधार पर स्वतः अप्रैल 2026 की पेंशन के साथ भुगतान होना चाहिए था, किन्तु भी राजकमल, कोषागार पटल सहायक ने जानबूझकर, परेशान करने की नियत तथा लक्ष्य पूर्ति न होने के कारण भुगतान नहीं किया,यहीं नहीं 19 मई, 2026 को गोयल एवं एसोसियेशन द्वारा लिखित पत्र द्वारा अनुस्मारक दिये जाने के बाद भी भुगतान नहीं किया, जो सम्बन्धित लिपिक राजकमल की स्वेच्छाचारिता एवं द्वेषभाव पूर्ण र्का शैली का प्रमाण है।
माह अप्रैल से जून 2026 तक 3 माह तक भुगतान न करने के पीछे असल कारण जीरो टोलरेन्स के अतिरिक्त गोयल की राशिकरण की अधिक धनराशि की कटौती कोषागार द्वारा करने एवं गोयल द्वारा लगातार 1 वर्ष 6 माह तक पत्राचार करने पर कोषागार को अंकन रू0 5,884/ धनराशि वापिस करनी पड़ी तथा शेष धनराशि रू0 79,998/ की वापिसी हेतु आज भी संघर्षरत है। एसोसियेशन द्वारा यह प्रकरण 17 दिसम्बर 2025 को प्रमुखता से उठाया था, इन्ही कारणों से कोषागार के बाबू गोयल से ईष्या एवं दुर्भावना रखते है तथा इनके कार्य को तीन माह से बिना किसी कारण के लम्बित रखा हुआ है। अकारण एवं पैंशनर को उत्पीडन के दृष्टिगत इस प्रकरण को निस्तारण हेतु कोषागार के अधिकारियों से सम्पर्क करने पर सभी कार्मिक असहाय सिद्ध हुए तथा प्रकरण अपर निदेशक स्तर पर अग्रसारित करना पड़ा। एसोसियेशन ने प्रकरण की गम्भीरता एवं भविष्य में इसकी पुनरावृति रोकने हेतु पटल सहायक राजकमल को तत्काल निलम्बित करने, गोयल की विशेष वेतन वृद्धि का भुगतान बयाज सहित सम्बधित लिपिक से करने एवं कार्यालय में सी०सी०टी०वी० कैमरे लगानं की मांग की है, उल्लेखनीय तथ्य है कि आज दिनांक 02 जुलाई 2026 तक स्थिति यथावत् है बल्कि सुभाषचन्द्र गुप्ता,एवं शिशपाल सिंह की 80 वर्षीय वेतन वृद्धि भी रोक ली गयी है।एसोसिऐशन के महासचिव रामप्रकाश सारस्वत ने बताया गया कि कोषागार की दूषित प्रणाली के सम्बन्ध में निदेशालय एवं शासन को अवगत कराते हुए स्थानीय स्तर पर आंदोलन किया जायेगा।