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उत्तर प्रदेश

श्री कल्कि धाम में हर्षोउल्लास से मनाया गया गुरु पूर्णिमा महोत्सव 

श्री कल्कि धाम में हर्षोउल्लास से मनाया गया गुरु पूर्णिमा महोत्सव 

 

 

बुलन्द संदेश/मोनू कुमार

 

 

संभल। श्री कल्कि धाम मे गुरु पूर्णिमा महोत्सव हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया। सर्वप्रथम श्री कल्कि भक्तों द्वारा यज्ञ का आयोजन किया गया। यज्ञ में पूर्णाहुति श्री कल्कि पीठाधीश्वर श्रीमद् जगद्गुरु आचार्य प्रमोद कृष्णम जी महाराज द्वारा दी गयी यज्ञ में सत्यानंद जी, पंकज गुप्ता, सुधीर चाहल, लवकुश शर्मा, युद्धवीर सिंह, मुनिदेव त्यागी आदि उपस्थित रहे। यज्ञ के पश्चात गुरु पूर्णिमा के अवसर पर श्री कल्कि पीठाधीश्वर द्वारा उपस्थित शिष्यों को दीक्षित किया गया, गुरु दीक्षा कार्यक्रम में शिष्यों ने गुरु दीक्षा ली। श्री कल्कि पीठाधीश्वर श्रीमद् जगद्गुरु आचार्य प्रमोद कृष्णम जी महाराज ने विशेष जाप विधि के साथ सभी दीक्षित शिष्यों को गुरुमंत्र प्रदान किया एवं सभी से श्री कल्कि धाम के प्रचार प्रसार की कामना की। गुरु दीक्षा कार्यक्रम के पश्चात उपस्थित शिष्यों एवं श्रद्धालुओं को विशेष रूप से सम्बोधित करते हुए श्री कल्कि पीठाधीश्वर श्रीमद् जगद्गुरु आचार्य प्रमोद कृष्णम महाराज ने कहा कि गुरु शिष्य का सम्बन्ध सबसे महत्वपूर्ण सम्बन्ध है, जब भगवान भी मनुष्य रुप में इस धरा धाम पर आए तो उन्होंने भी इसी परंपरा का निर्वहन किया। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम गुरु विश्वामित्र के अनन्य शिष्य रहे, लीला पुरूषोत्तम योगिराज भगवान श्री कृष्ण ने गुरु संदीपन के आश्रम में रहकर शिष्य परंपरानुसार जीवन जिया, इससे यह स्पष्ट है कि प्रत्येक सनातनी के लिए सबको इस गुरु शिष्य परंपरा का निर्वहन करना अति आवश्यक है। गुरु शब्द की शाब्दिक व्याख्या अंधकार से प्रकाश को ओर ले जाना है, किंतु गुरु की भावनात्मक व्याख्या इतनी विशालतम है कि उसे शब्दों में बांधा ही नहीं जा सकता यह एक भावना है जिसे केवल जिया जा सकता है। श्री कल्कि पीठाधीश्वर ने कहा कि आज मैं सभी शिष्यों से यह कामना करता हूं कि वो श्री कल्कि धाम जनजागरण में जुटें। इस अवसर पर महामंडलेश्वर स्वामी हरमनोजदास, रवि त्यागी, बिजेंद्र त्यागी, अक्षित, दुष्यंत, शिवांक त्यागी, निखिल, चारू त्यागी आदि उपस्थित रहे। इस दौरान उत्तराखण्ड के राज्यमंत्री श्यामवीर सेनी भी आये दिल्ली गुड़गाँव ग़ाज़ियाबाद और असम से आये भक्तों ने हर्षाेल्लास के साथ मनाया गुरु पूर्णिमा का उत्सव मना. या।