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उत्तर प्रदेश

सावन के पहले सोमवार पर शिवालयों में उमड़ी भक्तों की भीड़

सावन के पहले सोमवार पर शिवालयों में उमड़ी भक्तों की भीड़

बुलन्द संदेश ब्यूरो

हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजे शिवालय

श्रद्धालुओं ने सुबह-सुबह मंदिर पहुंचकर शिवलिंग पर किया जलाभिषेक

शहर से देहात तक गूंजा हर-हर महादेव

देवों के देव महादेव भगवान शंकर को सावन माह विशेष प्रिय है। सावन के पहले सोमवार को हर-हर महादेव के जयघोष से शिवालय गूंज उठे। चारों ओर से भक्तों का सैलाब नजर आया। सुबह से लेकर देर शाम तक मंदिरों में पूजा अर्चना करने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। शिकारपुर क्षेत्र के बरासऊ शिव मंदिर झाड़ीपत मंदिर, भटोला शिव मंदिर सहित सभी जगहों पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ता रहा। जलाभिषेक के दौरान मंदिरों में पुलिस की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे। जगह-जगह भंडारे लगे

बुलंद संदेश यूरो

शिकारपुर। (अशोक पाठक) सावन माह के प्रथम सोमवार को सुबह से ही शिव मंदिरों और शिवालयों में भक्तों की भीड़ लगी रही। नगर के सभी शिवालयों को फूलों से वे लाइटिंग से दुल्हन की तरह सजाया गया। शिव भक्तों ने भगवान भोलेनाथ को गाय का कच्चा दूध दही घी शहद गंगाजल जनेऊ मिष्ठान शक्कर गंगाजल फल फूल पंचामृत, भांग बेलपत्र अबीर दीप रोली वस्त्र धतूरा गुलाल व चंदन अर्पित कर अपने सुखी जीवन के लिए प्रार्थना की। जगह-जगह भंडारे लगे । जलाभिषेक के दौरान मंदिरों में पुलिस की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे।

सावन मास भगवान की आराधना के लिए खास होता है। इसमें सोमवार का भी विशेष महत्व होता है। इस महीने में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। सावन शुरू होते ही मंदिर एवं शिवालयों में हर-हर महादेव का उद्घोष होने लगता है। पहला सोमवार होने के कारण शिवभक्त भोर से ही मंदिरों के बाहर पहुंचने शुरू हो गए। शिकारपुर झाड़ी पत मंदिर,बरासऊ शिव मंदिर सहित अन्य मंदिरों में शिव भक्त पहुंचे। अधिक होने के कारण मंदिरों के बाहर शिव भक्तों की कतार लगी रही। गर्भ ग्रह में पहुंचकर उन्होंने ज्योतिर्लिंग पर जलाभिषेक एवं दुग्ध अभिषेक करके देवाधिदेव महादेव की पूजा अर्चना की। गौरतलब है कि श्रावण मास को भगवान शिव की आराधना का महीना माना जाता है जिस कारण श्रावण मास शुरू होने के साथ ही और जहां शिव भक्त कावड़िए हरिद्वार से पवित्र गंगाजल लेकर अपने गंतव्य को लौटने शुरू हो जाते हैं। वहीं दूसरी ओर मंदिरों में भगवान शिव शंकर के भजन कीर्तन पूजा अर्चना के साथ जलाभिषेक का सिलसिला भी शुरू हो जाता हैः मान्यता है कि सावन में आने वाले सोमवार को भगवान शिव का विधि विधान से व्रत रखकर जलाभिषेक करने से भक्तों की मनोकामना पूरी होती है। वही सभी शिवालयों पर सुरक्षा के चलते पुलिस व्यवस्था चौकस रही। 

 

कावड़ मार्गों पर सुरक्षा को लेकर पुलिस रही सजग 

 

शिकारपुर। श्रावण मास में गोमुख ऋषिकेश हरिद्वार आहार अवंतिका भी अनूपशहर आदि गंगा तीर्थ स्थानों से लोग कावड़ लाते हैं। कावड़ लाने वाले लोग जिन मार्गों से आते हैं उन मार्गों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस की फैंटम एवं गाड़ियां लगातार गश्त कर रहे हैं ताकि आने वाले तीर्थ यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। शिकारपुर से पहाड़पुर अनूपशहर बुलंदशहर डिबाई एवं जहांगीराबाद मार्गों से कावड़ लाते हैं। ज्यादातर कावड़ पहासू रोड स्थित शिव मंदिर बरास ऊ गांव भटौला नगर के झाड़ीपत शिव मंदिर आदि पर कावड़ चढ़ाई जाती है। कावड़ मार्गों पर स्वयं सेवी संगठनों ने शिविर लगाए हैं। कोतवाली प्रभारी यज्ञ दत्त शर्मा ने बताया कि कावड़ मार्गों पर पुलिस लगातार गश्त कर रही है।