बुलंद संदेश ब्यूरो लखनऊ।
उत्तर प्रदेश सरकार के State Transformation Commission (STC) तथा सम्यक-कलेक्टिव गुड फाउंडेशन (CGF) के मध्य आज योजना भवन, लखनऊ में पाँच वर्षों की अवधि के लिए एक समझौता पत्र (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के शहरी असंगठित श्रमिकों, प्रवासी मजदूरों तथा अन्य वंचित शहरी समुदायों के स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा एवं समग्र कल्याण के लिए नवाचार आधारित एवं साक्ष्य-आधारित (Evidence-based) समाधान विकसित करना है।
इस साझेदारी के अंतर्गत लखनऊ स्थित विभिन्न लेबर अड्डों का विस्तृत आकलन किया गया, जिसके माध्यम से असंगठित श्रमिकों की आवश्यकताओं, चुनौतियों एवं सेवा संबंधी अंतरालों का अध्ययन किया गया। इस अध्ययन के आधार पर एक एकीकृत सेवा प्रदाय (Integrated Service Delivery) मॉडल विकसित किया गया है, जिसका उद्देश्य श्रमिकों तक स्वास्थ्य एवं कल्याण संबंधी आवश्यक सेवाओं की सुलभ पहुँच सुनिश्चित करना है।
प्रस्तावित मॉडल के अंतर्गत एकीकृत श्रमिक कल्याण केन्द्र (Integrated Labour Welfare Centres), लेबर अड्डा हेल्थ पॉइंट्स (Labour Adda Health Points) तथा मोबाइल मेडिकल यूनिट्स (Mobile Medical Units) स्थापित किए जाने का प्रस्ताव है। इन माध्यमों से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएँ, व्यावसायिक स्वास्थ्य (Occupational Health) सेवाएँ, श्रमिक कल्याण योजनाओं से जोड़ने हेतु परामर्श एवं सुविधा, किफायती मूलभूत सुविधाएँ तथा आवश्यकतानुसार रेफरल सेवाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी।
इस पहल के अंतर्गत व्यावसायिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की समयबद्ध पहचान, प्रौद्योगिकी आधारित स्वास्थ्य जांच एवं स्क्रीनिंग, मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOPs) एवं प्रोटोकॉल का विकास, क्षमता निर्माण (Capacity Building), प्रभावी निगरानी व्यवस्था तथा डेटा आधारित प्रबंधन प्रणाली को भी सुदृढ़ किया जाएगा। साथ ही, स्वास्थ्य, नगर विकास तथा अन्य संबंधित विभागों के मध्य बेहतर समन्वय (Convergence) स्थापित कर शहरी स्वास्थ्य एवं श्रमिक कल्याण से जुड़े कार्यक्रमों के प्रभावी एवं समेकित क्रियान्वयन को बढ़ावा दिया जाएगा।
इस साझेदारी के माध्यम से विकसित होने वाले मॉडल भविष्य में उत्तर प्रदेश के अन्य शहरी क्षेत्रों में भी लागू किए जा सकेंगे तथा शहरी श्रमिक कल्याण एवं शहरी स्वास्थ्य प्रणाली को सुदृढ़ करने हेतु एक प्रभावी एवं विस्तार योग्य (Scalable) मॉडल के रूप में स्थापित किए जाने की संभावना है। पाँच वर्षों की इस साझेदारी के दौरान विकसित अनुभव एवं सीख भविष्य में राज्य स्तर पर व्यापक विस्तार (Scale-up) के लिए आधार प्रदान करेंगे। यह पहल विशेष रूप से शहरी गरीब, असंगठित श्रमिकों, प्रवासी मजदूरों एवं अन्य वंचित समुदायों के लिए गुणवत्तापूर्ण प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं एवं सामाजिक सुरक्षा तक बेहतर पहुँच सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान प्रदान करेगी।


