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उत्तर प्रदेश

सम्भल जिले का श्री हरि बाबा बांध धाम आश्रम में आज से लगेगा आस्था का महाकुंभ!

सम्भल जिले का श्री हरि बाबा बांध धाम आश्रम में आज से लगेगा आस्था का महाकुंभ!

 

 

गुरु पूजा महोत्सव का शुभारंभ, सात दिन तक भक्ति की गंगा में डूबेगा धाम! 

 

 

 

  गवाॅं (सम्भल) गवाॅं क्षेत्र के पास पावन गंगा नदी के किनारे प्रसिद्ध श्री श्री 108 श्री हरि बाबा बांधाम धार्मिक स्थल पर आज से श्रावण मास के पावन अवसर पर भक्ति और आस्था का विशाल पर्व शुरू होगा। सात दिवसीय गुरु पूजा महोत्सव को लेकर हरिबाबा बांध धाम परिसर पूरी तरह तैयार हो गया है। 23 से 29 जुलाई तक चलने वाले इस भव्य आयोजन में वृंदावन की मशहूर रासलीला सुबह 08 से 10 बजे तक तथा शाम 08 बजे से रात 10 बजे तक होगी एवं दोपहर 02 बजे से श्रीमद्भागवत कथा गुरु पूजन, होगी। मुख्य पर्व गुरु पुजा वाले दिन रहेगा। संकीर्तन 24 घंटे चलेगा। तथा विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। इस बार श्रद्धालुओं के लिए नए भव्य पंडाल में रासलीला का आयोजन होगा, जिसे आकर्षक रूप से सजाया गया है।

 

महोत्सव में उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड महाराष्ट्र मुम्बई सहित देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। हरि बाबा बांध धाम को रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों की सजावट और आकर्षक धार्मिक सज्जा से भव्य स्वरूप दिया गया है।सौ साल से अधिक पुरानी है गुरु पूजा महोत्सव की परंपरा। हरि बाबा बांध धाम का गुरु पूजा महोत्सव क्षेत्र की धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है। यह आयोजन गुरु-शिष्य परंपरा, सेवा और भक्ति की करीब सौ साल पुरानी विरासत को आगे बढ़ाता है।

मान्यता है कि संत श्री हरि बाबा महाराज ने वर्ष 1920 के दशक में गंगा की बाढ़ से क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा के लिए विशाल बांध निर्माण का कार्य शुरू कराया था। उस समय हजारों ग्रामीण और श्रमिक श्रमदान कर बांध निर्माण में जुटे थे। दिनभर कठिन परिश्रम करने वाले लोगों में उत्साह और भक्ति बनाए रखने के लिए हरि बाबा महाराज ने वृंदावन से रासलीला मंडलियों को बुलाना शुरू किया।बांध निर्माण स्थल से शुरू हुई रासलीला और संकीर्तन की परंपरा धीरे-धीरे विशाल धार्मिक आयोजन में बदल गई। बाद में यहां आश्रम, मंदिर और संकीर्तन भवन की स्थापना हुई और गुरु पूर्णिमा के अवसर पर प्रतिवर्ष भव्य गुरु पूजा महोत्सव आयोजित होने लगा।महोत्सव के दौरान वृंदावन के प्रसिद्ध श्री गोरांग कृष्ण लीला मंडल द्वारा प्रतिदिन रासलीला का मंचन किया जाएगा। इस बार रासलीला के लिए तैयार किया गया नया पंडाल श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेगा।वहीं वृंदावन के प्रसिद्ध कथावाचक आचार्य श्री दिनेश चंद्र शास्त्री जी महाराज द्वारा श्रीमद्भागवत कथा का रसपान कराया जाएगा। कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति, संस्कार और आध्यात्मिक जीवन का संदेश दिया जाएगा।इसके अलावा गुरु पूजन, संकीर्तन, रामायण पाठ, संध्या आरती, भजन-कीर्तन, भक्त चरित्र, कृष्ण लीला समेत अनेक धार्मिक कार्यक्रम सातों दिन चलते रहेंगे।लाखों श्रद्धालुओं को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम

महोत्सव में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और आयोजन समिति ने सुरक्षा एवं सुविधा व्यवस्था को मजबूत किया है। धाम परिसर में पेयजल, प्रकाश व्यवस्था,साफ-

सफाई और पार्किंग के विशेष इंतजाम किए गए हैं।सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है। भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए विशेष योजना बनाई गई है। श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए धाम परिसर में 24 घंटे संचालित अस्थायी अस्पताल बनाया गया है, जहां चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की टीम मौजूद रहेगी।

 

(धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा) 

गुरु पूजा महोत्सव के दौरान हरि बाबा बांध धाम श्रद्धा और आस्था के प्रमुख केंद्र के रूप में नजर आएगा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय व्यापारियों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।

आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं से परिवार सहित महोत्सव में पहुंचकर गुरु पूजन, श्रीमद्भागवत कथा और रासलीला का पुण्य लाभ लेने की अपील की है।हरि बाबा ट्रस्ट समिति के अध्यक्ष रमाकांत पांडेय ने बताया कि गुरु पूजा महोत्सव को लेकर सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। इस बार श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पहले से बेहतर व्यवस्थाएं की गई हैं। नए भव्य पंडाल में वृंदावन की रासलीला का आयोजन होगा, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहेगा। उन्होंने कहा कि हरि बाबा धाम की यह परंपरा वर्षों पुरानी है, जिसमें देश-विदेश से श्रद्धालु आस्था के साथ पहुंचते हैं। कथा, संकीर्तन, गुरु पूजन और धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से भक्तों को आध्यात्मिक वातावरण मिलेगा। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से शांति और अनुशासन के साथ महोत्सव में शामिल होकर गुरु महाराज का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की है।