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उत्तर प्रदेश

*"सनातन संस्कृति और भगवान श्रीराम के सम्मान से कोई समझौता नहीं- महामंडलेश्वर स्वामी कृष्णानंद महाराज"*

*"सनातन संस्कृति और भगवान श्रीराम के सम्मान से कोई समझौता नहीं- महामंडलेश्वर स्वामी कृष्णानंद महाराज"*

बुलन्द संदेश ब्यूरो

 

*भगवा और प्रभु श्रीराम का अपमान करोड़ों सनातनियों की आस्था पर आघात"*

 

गाज़ियाबाद (आशा चौधरी) मथुरा। संसद परिसर में भगवा और प्रभु श्रीराम के कथित अपमान पर बोले महामंडलेश्वर स्वामी कृष्णानंद महाराज, कहा– "सनातन की आस्था का अपमान बर्दाश्त नहीं" धार्मिक भावनाओं का सम्मान करें जनप्रतिनिधि, संसद की गरिमा सर्वोपरि।

संसद परिसर में सांसद पप्पू यादव द्वारा भगवा वस्त्र और प्रभु श्रीराम के कथित अपमान को लेकर अध्यात्म गुरु महामंडलेश्वर स्वामी कृष्णानंद महाराज ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि भगवा केवल एक वस्त्र नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, त्याग, तपस्या और राष्ट्रधर्म का प्रतीक है। इसी प्रकार प्रभु श्रीराम करोड़ों हिंदुओं की आस्था और मर्यादा के सर्वोच्च आदर्श हैं, इसलिए उनके प्रति किसी भी प्रकार की अपमानजनक टिप्पणी या व्यवहार स्वीकार्य नहीं हो सकता।स्वामी कृष्णानंद महाराज ने कहा कि संसद देश का सर्वोच्च लोकतांत्रिक मंच है, जहां सभी जनप्रतिनिधियों को गरिमा और मर्यादा का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी के बयान या आचरण से करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं, तो संबंधित व्यक्ति को सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण देना चाहिए और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचना चाहिए।

उन्होंने देशवासियों से भी अपील की कि इस प्रकार के मामलों में कानून और संविधान का सम्मान करते हुए शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखें तथा समाज में सौहार्द बनाए रखें।स्वामी कृष्णानंद महाराज ने कहा कि सनातन धर्म, भगवा ध्वज और प्रभु श्रीराम का सम्मान प्रत्येक भारतीय की सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा विषय है और इस पर किसी भी प्रकार की टिप्पणी अत्यंत संवेदनशीलता एवं जिम्मेदारी के साथ की जानी चाहिए।