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उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश सरकार के वृक्षारोपण महा अभियान का सच आया सामने

उत्तर प्रदेश सरकार के वृक्षारोपण महा  अभियान का सच आया सामने

बुलन्द संदेश /ब्यूरो

 

पंचायतों में पिछले साल के पेड़ों पर ही लग रहे नए पेड़

 

बुलंद संदेश ब्यूरो

लखनऊ (लेखराम मौर्य)। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वृक्षारोपण को एक अभियान के रूप में पूरे प्रदेश में लागू करने के बाद राजधानी में 35 लाख पौधे लगाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए सभी विभागों को अलग-अलग लक्ष्य दिया गया है इसी क्रम में पंचायत विभाग के अंतर्गत पंचायत सचिवों और प्रधानों द्वारा कई ग्राम पंचायतों में पिछले साल जिन स्थानों पर पेड़ लगाए गए थे और एक भी पेड़ सुरक्षित नहीं बचा है वहीं पर एक बार फिर गड्ढे खोदकर उन्हीं जगहों पर पेड़ लगाने का क्रम शुरू किया गया है यह वृक्षारोपण ऐसी जगह पर किया जा रहा है जहां पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है और अगर कहीं व्यवस्था है भी तो अधिकारियों की लापरवाही से एक भी पेड़ सुरक्षित नहीं बचता है। राजधानी के विकासखंड माल की बात की जाए तो यहां मसीहा हमीर में पोषण वाटिका में वृक्षारोपण अभियान की शुरुआत बड़े धूमधाम से की गई। इस पोषण वाटिका में पहले भी हजारों पेड़ लगा चुके हैं परंतु अब उसमें सैकड़ो की संख्या में भी पेड़ नहीं बचे हैं क्योंकि पानी की व्यवस्था होने के बावजूद पेड़ों को बचाने के लिए कोई उपाय नहीं किए गए थे इसलिए काफी मात्रा में पेड़ सूख गए और रविवार को एक बार फिर पुराने पेड़ों के स्थान पर नए पेड़ लगा दिए गए और कुछ पेड़ लगाने के बाद शेष पेड़ वहीं पर डाल दिए गए।

इसी प्रकार ग्राम पंचायत खडसरा में प्रधान द्वारा पोषण वाटिका में पेड़ लगाने का अभियान शुरू किया गया यहां पिछले साल पोषण वाटिका में वृक्षारोपण किया गया था परंतु अधिकांश पेड़ सूख गए क्योंकि हैंड पाइप से पर्याप्त मात्रा में सिंचाई नहीं हो सकती है क्योंकि वहां जमीन उसरीली है इसके अलावा इस तरह वृक्षों पर वृक्ष लगाने से कभी भी अभियान सफल नहीं हो सकता क्योंकि अधिकारियों की लापरवाही से ही ऐसा किया जा रहा है अन्यथा पेड़ कहीं पर भी लगाए जा सकते थे। ग्राम पंचायत गहदों में पेट्रोल पंप के सामने जन सेवा केंद्र के बगल में पिछले वर्ष भी वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत पेड़ लगाए गए थे लेकिन यहां पर एक भी पेड़ सुरक्षित नहीं बचा उन्हीं जगहों पर गड्ढा खुदवाकर एक बार फिर पेड़ लगाने का काम शुरू किया गया है यदि इसी प्रकार अधिकारी वृक्षारोपण महा अभियान को औपचारिक रूप से सिर्फ दिखावे के लिए पेड़ लगाए जा रहे हैं उनको बचाने के लिए कोई उपाय नहीं किए जाते हैं इसीलिए सभी पेड़ सुख जाते हैं इन जगहों पर मौके पर देखा जा सकता है कि कहीं पर भी पिछले वर्षों के पेड़ मौके पर नहीं मिलेंगे यदि कहीं पर बच भी गए होंगे तो उनकी संख्या सिर्फ दिखाने भर की होगी अब देखना है कि वृक्षारोपण अभियान को इसी तरह से पलीता लगाया जाता रहेगा तो ऐसे ही अधिकारियों की वजह से कभी भी यह अभियान सफल नहीं हो सकता है।