cbamazon
उत्तर प्रदेश

विजय पताका छड़ी का हुआ क्रांतिकारी ठाकुर दुर्गा सिंह की हवेली पर प्रथम पूजन ।

विजय पताका छड़ी का हुआ क्रांतिकारी ठाकुर दुर्गा सिंह की हवेली पर प्रथम पूजन ।

 बुलन्द संदेश  ब्यूरो

1, बीस दिन क्षेत्र भ्रमण के बाद रक्षाबंधन पर छड़ी होगी स्थापित ।

2, जोगी पुजारे ने किया ठाकुर दुर्गा सिंह की वीरगाथा का बखान ।

धौलाना । संजीव वशिष्ठ ।

1857 की क्रांति के नायक ठाकुर दुर्गा सिंह की हवेली धौलाना पर सोमवार को विजय पताका छड़ी को लेकर जोगी पुजारे पहुंचे । जहां क्रांतिकारी दुर्गा सिंह के वंशज विजय शिशोदिया, बहन मिथलेश शिशोदिया और चन्द्रमुखी राणा ने छड़ी का विधिवत पूजन कर रवाना किया । अब ये छड़ी रक्षाबंधन के दिन तक क्षेत्र के हर गांव में भ्रमण करेगी । जहां ग्रामीण अंचल के लोग इस छड़ी का पूजन करेंगे ।

*अपने कुल की साढ़े पांच सौ वर्ष पुरानी परम्परा का निर्वहन कर रहे है विजय शिशोदिया।*

साढ़े पांच सौ वर्ष पुरानी परंपरा का निर्वहन कर विजय शिशोदिया ने अपने कुल व गुरू की ऐतिहासिक परम्परा का गौरव आज भी बढ़ा रहे है। राजस्थान के चित्तौगढ़ में से आई इस परम्परा को आज भी जीवित रखा गया । जिसमें क्रांतिकारी ठाकुर दुर्गा सिंह के वंशज इस परम्परा निर्वाहन पर खरे उतरते है ।

वीर धरा धौलाना के लोग आज भी ठाकुर दुर्गा सिंह की वीर गाथा को सुनते और सुनाते है । धौलाना के लोगों को वीर पुत्र ठाकुर दुर्गा सिंह के वंशज विजय शिशोदिया पर नाज है । जो हमारी प्राचीन परम्परा को संजोए हुए है ।

परिचय । विजय पताका छड़ी का पूजन करते विजय शिशोदिया और उनका परिवार ।