बुलन्द संदेश /ब्यूरो
*4,500 करोड़ की लागत से बना देश का पहला AI आधारित एक्सप्रेसवे राष्ट्र को समर्पित, बिना रुके कटेगा टोल, 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगे वाहन*
गाज़ियाबाद (आशा चौधरी) उत्तर प्रदेश में आधुनिक सड़क अवसंरचना को नई पहचान देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश को एक और बड़ी सौगात मिली है। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 63 किलोमीटर लंबे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया। करीब 4,500 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना के शुरू होने के बाद लखनऊ और कानपुर के बीच का सफर अब 2 से 3 घंटे की बजाय मात्र 40 मिनट में पूरा होगा।यह एक्सप्रेसवे देश का पहला ऐसा हाईवे है, जिसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम और आधुनिक तकनीक से तैयार किया गया है। सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां पारंपरिक टोल प्लाजा नहीं होंगे। वाहन बिना रुके गुजरेंगे और **ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) तकनीक के जरिए टोल अपने आप कट जाएगा। उद्घाटन समारोह में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि लखनऊ और कानपुर के बीच आधुनिक एक्सप्रेसवे की मांग वर्षों पुरानी थी। उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का आभार जताते हुए कहा कि इस परियोजना के पूरा होने से दोनों शहरों के बीच ट्रैफिक जाम की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2019 में इस परियोजना का शिलान्यास किया गया था और अब यह जनता को समर्पित हो चुकी है।
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि दोनों शहरों के बीच प्रतिदिन लाखों वाहनों का आवागमन होता है। इसी बढ़ते दबाव को देखते हुए इस विश्वस्तरीय एक्सप्रेसवे की योजना बनाई गई। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2020 में इसे राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे-6 का दर्जा दिया गया और यह भारत का पहला AI संचालित स्मार्ट एक्सप्रेसवे बन गया है। परियोजना को तेजी से पूरा करने के लिए इसे दो हिस्सों में विकसित किया गया। पहला करीब 18 किलोमीटर का एलिवेटेड कॉरिडोर है, जबकि दूसरा 45 किलोमीटर का ग्रीनफील्ड सेक्शन है, जो लखनऊ और उन्नाव के कई गांवों से होकर गुजरता है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी और आर्थिक गतिविधियों को भी नया बल मिलेगा।एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा के लिए 80 से अधिक हाई-डेफिनिशन कैमरे 16 वीडियो इंसिडेंट डिटेक्शन सिस्टम और स्पीड रडार लगाए गए हैं। निर्धारित गति सीमा का उल्लंघन करने पर नियंत्रण कक्ष से स्वतः ई-चालान जारी होगा। इससे सड़क सुरक्षा और यातायात अनुशासन को मजबूती मिलेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना का तेजी से विकास हो रहा है। बेहतर सड़क नेटवर्क, मजबूत कानून व्यवस्था और तेज विकास के कारण उत्तर प्रदेश आज देश के सबसे तेजी से आगे बढ़ते राज्यों में शामिल है।
विशेषज्ञों के अनुसार लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे केवल दो शहरों को जोड़ने वाला मार्ग नहीं, बल्कि प्रदेश के औद्योगिक, व्यापारिक और आर्थिक विकास का नया इंजन साबित होगा। बेहतर कनेक्टिविटी से निवेश, रोजगार और उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, वहीं आम लोगों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा एक्सप्रेसवे की प्रमुख विशेषताएं लंबाई: 63 किलोमीटर लागत लगभग ₹4,500 करोड़ यात्रा समय: 2-3 घंटे से घटकर 40 मिनट अधिकतम डिजाइन गति: 120 किमी प्रति घंटा देश का पहला AI आधारित स्मार्ट एक्सप्रेसवे बिना टोल प्लाजा, ऑटोमैटिक टोल कटौती 80+ HD कैमरे, 16 वीडियो इंसिडेंट डिटेक्शन सिस्टम स्पीड रडार और स्वतः ई-चालान व्यवस्था आधुनिक मशीन गाइडेंस तकनीक से निर्माण लखनऊ और उन्नाव के 42 गांवों को बेहतर कनेक्टिविटी


