बुलन्द संदेश ब्यूरो
*वेदों की रक्षा का संकल्प लें-हरिओम शास्त्री*
गाजियाबाद(आशा चौधरी ),मंगलवार,28 जुलाई 2026,केन्द्रीय आर्य युवक परिषद् के तत्वावधान में यजुर्वेद के महामृत्युंजय मंत्र की व्याख्या ऑनलाइन आयोजित की गई।य़ह कोरोना काल से 796 वाँ वेबीनार था।वैदिक विद्धान आचार्य हरिओम शास्त्री ने यजुर्वेद के अध्याय 3 के 60 वें मंत्र मे महामृत्युंजय त्र्यंबक की प्रभु से विशेष प्रार्थना की व्याख्या करते हुए कहा कि इस मंत्र मे भक्त और नवविवाहिता युवती ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहते हैं कि हे त्र्यंबक प्रभु हम अपने जीवन को सुगंधित और पुष्टि हेतु आपका यजन करते हैं।जैसे पका हुआ खरबूजा या ककड़ी अपनी डाल से अपने-आप अलग हो जाता है ऐसे मुझे मृत्यु के बंधन से,इस मायके के बंधन से मुक्त कर दीजिए परंतु अमृत अर्थात् मोक्ष,ससुराल से नहीं।हम आर्य भी पौराणिकों की तरह आधा ही मंत्र बोलते हैं जो गलत है यह ऋषि दयानन्द और आर्य समाज के विचारों से विपरीत है।हमें पूरा मंत्र बोलकर जप करना चाहिए।तभी हम वेदों की रक्षा कर पाएंगे। मुख्य अतिथि ओम प्रकाश यजुर्वेदी व अध्यक्ष कुसुम भंडारी ने भी अपने विचार व्यक्त किए।परिषद अध्यक्ष अनिल आर्य ने कुशल संचालन किया व प्रदेश अध्यक्ष प्रवीण आर्य ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
गायिका पिंकी आर्या,मृदुल अग्रवाल, कमला हंस, संतोष धर, रविन्द्र गुप्ता, नरेश बत्रा आदि के मधुर भजन l


